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Kathadesh Purskrit Laghukathyan

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2006 से कथादेश अखिल भारतीय लघुकथा प्रतियोगिता की निरंतरता बनी हुई है । प्रतियोगिता में नए–पुराने सभी कथाकार प्रतिभाग करते रहे हैं । पुरस्कृत लघुकथाएँ आज भी बहुत से पाठकों की पहली पसंद बनी हुई हैं । कथादेश की इस प्रतियोगिता के माध्यम से बहुत से नए लेखकों ने लघुकथा के क्षेत्र में पदार्पण किया और अपनी पहचान बनाई । पुरस्कृत लघुकथाएँ कथादेश में प्रकाशित होने के बाद लघुकथा डॉट कॉम के ज़रिए देश–विदेश के बड़े पाठक–वर्ग तक पहुँचीं । इस प्रतियोगिता को उत्कृष्टता प्रदान करने में निर्णायक मण्डल की भी महती भूमिका रही है । 2006 से अब तक निर्णायक मण्डल में निम्न हस्ताक्षर रहे– मैनेजर पाण्डे, सुभाष पन्त, महेश कटारे, विभांशु दिव्याल, सुरेश उनियाल, हृषीकेश सुलभ, राजकुमार गौतम, सत्यनारायण, भालचन्द्र जोशी, आनन्द हर्षुल, योगेन्द्र आहूजा, रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’, श्याम सुन्दर अग्रवाल, श्याम सुन्दर ‘दीप्ति’, जितेन्द्र रघुवंशी, गौतम सान्याल, हरिनारायण एवं सुकेश साहनी । निर्णायक मण्डल में कहानीकार, लघुकथाकार, आलोचक और सम्पादक की उपस्थिति ने इस आयोजन को अतिरिक्त गरिमा प्रदान की है । नि%संदेह इस प्रक्रिया से मुकम्मल और श्रेष्ठ लघुकथाओं का चयन हो सका है । प्रस्तुत संकलन में लघुकथाएँ वर्षवार संकलित हैं । इन्हें चार भागों में विभक्त किया गया है–प्रथम, द्वितीय, तृतीय और अन्य पुरस्कृत लघुकथाएँ । इस पुस्तक के पीछे सभी रचनाकारों, निर्णायकों और सम्पादक कथादेश का अविस्मरणीय श्रम निहित है । एक साथ इतनी सशक्त/पुरस्कृत लघुकथाओं का पहला संग्रह प्रकाशित करते हुए हमें गौरव की अनुभूति हो रही है।

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