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Ramdev Shukla : Chuni Hui Kahaniyan

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21 अक्टूबर, 1938 में कुशीनगर के गाँव शाहपुर कुरमौटा में जन्म । गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषा एवं पत्रकारिता विभाग से विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्ति । उपन्यास : ‘ग्राम देवता’, ‘संकल्पा’ (‘चैखट से बाहर’ नाम से पुन: प्रकाशित), ‘विकल्प’, ‘मनदर्पन’, ‘अगला कदम’ (हिन्दी प्रचारक संस्थान से उपन्यासों के संग्रह ‘दिग् दिगन्त’ में ‘आगामी’ नाम से प्रकाशित), ‘गिद्धलोक’, भोजपुरी उपन्यास ‘ग्रामदेवता’ (मॉरीशस में लोकार्पित), ‘बेघर बादशाह’, ‘अपराजिता’ और ‘अनाम छात्रा की डायरी ।’ भोजपुरी उपन्यास ‘ग्रामदेवता’ पर दूरदर्शन द्वारा फिल्म (1996) निर्माण । कहानी–संग्रह : ‘उजली हँसी की वापसी’, ‘पतिव्रता’ ‘तीन लम्बी कहानियाँ’, ‘माटीबाबा की कहानी’, ‘नीलामघर’, ‘अपहरण’, ‘सुग्गी’ । आलोचना : निराला के उपन्यास, घनानन्द का काव्य, घनानन्द का श्रृंगार काव्य, सामंती परिवेश की जनाकांक्षा और बिहारी, सामंती परिवेश का यथार्थ और बिहारी का काव्य, हिन्दी के प्रमुख नाटककार–प्रसाद आदि । लगभग 15 पुस्तकों का संपादन एवं 50 से अधिक आलोचनात्मक पुस्तकों में सहलेखन । अनेक राष्ट्रीय पुरस्कारों एवं सम्मानों से अलंकृत । सम्पर्क : शीतल सुयश, राप्ती चैक, आरोग्य मन्दिर, गोरखपुर—273003 (उ.प्र.)

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