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Siberian Crane

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वरिष्ठ कथाकार–उपन्यासकार शरत कुमार के इस नवीनतम कथा–संग्रह में उनकी कुल 15 कहानियां संकलित हैं, जो समय–समय पर, एक लंबे कालखंड के दौरान लिखी गयी हैं । शरत कुमार हिंदी के उन गिने–चुने कथाकारों में हैं, जिन्होंने बहुत कम कहानियां लिख कर पाठकों के हृदय में अपनी एक स्थायी जगह बना ली है । मानवीय संबंधों को लेकर पवित्रता बोध का सविनय आग्रह उनकी कहानियों में खास–तौर से ध्यान आकर्षित करता है । शीर्षक कथा ‘साइबेरियन क्रेन’, ‘एक अधूरी कहानी’, ‘लौरेंस’ सहित संग्रह की अधिकतर कहानियां स्त्री–पुरुष अंत%संबंधों पर केंद्रित हैं । लेकिन ये कहानियां इस मायने में बेहद खास हैं कि शरत कुमार के स्त्री–पुरुष अपने प्यार को हमेशा के लिए खो देने, जुदाई की असहनीय पीड़ा झेलते रहने के बावजूद कभी अपना आपा नहीं खोते । वे प्रेम की सुखद और पवित्र स्मृतियों के साथ अपने असहनीय एकांत में लंबे समय तक पड़े रहते हैं, जिंदगी तक गुजार देते हैं, लेकिन आक्रामकता और अपवित्रता से कोसों दूर रहते हैं (‘लौरेंस’ में संबंधों में पवित्रता के चूकने की परिणति नायिका की दु%खद आत्महत्या से होेती है) । बतौर लेखक शरत कुमार मानवीय जीवन के तीन आधार तत्वµदैहिक, बौद्धिक, भावनात्मकµमें भावना को प्र/ाान और समस्त मानवीय क्रियाकलापों के लिए सबसे ज्यादा प्रेरक मानते हैं । संभवत% इसलिए शरत जी की कहानियों के नायक–नायिकाओं का प्यार अनूठा है । यहां देह और यौन–संबंध गौण हैं, ‘कम्पेनी’(संगत), परस्पर संवाद और स्मृतियां अहम हैं । इन कहानियों में सहजता, सरसता और अद्भूत कथा रस है । एक बार शुरू करने के बाद इन्हें पूरा पढ़े बगैर हम रह नहीं सकते । एक पठनीय और संग्रहणीय कथा–संग्रह । -अभिषेक कश्यप

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