• New product

Ayurvedik Chikitsa

Select Book Type

In stock

भारतीय समाज व संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर ‘ आयुर्वेद’ आज भारत ही नहीं अनेक पाश्चात्य देशों में भी धूम मचा रखी है। विदेशों में वानस्पतिक औषधियों के प्रति आकर्षण बढ़ा है, वहीं भारत में आज आयुर्वेदिक चिकित्सा को जिस शिखर पर पहुँचना चाहिए था, वह नहीं हो पाया । अतः भारत में आयुर्वेदि चिकित्सा के उत्थान की दिशा में सरकार की ओर से कई अपेक्षाएँ हैं। इस पर विशेष अनुसंधान के साथ आयुर्वेद से जुड़े संस्थाओं के विकास एवं आयुर्वेदिक क्षेत्र में प्रशिक्षण की आवश्यकता है। आम लोगों में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास जगाने की जरूरत है। आज पूरे विश्व में औषधीय वनस्पतियों की विशेष महत्ता को देखते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सा का प्रचार-प्रसार होने लगा है । देशी-विदेशी अनेक कंपनियाँ आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण के क्षेत्र में उतर आई हैं। दिनों-दिन कई औषधीय वनस्पतियों की माँग बढ़ती जा रही है। विश्व की कुल वनौषधि सम्पदा का एक बड़ा भाग भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रें में उपलब्ध है। वर्त्तमान में भारतीय जड़ी-बूटियों की चीन, जापान, थाइलैण्ड, संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैण्ड, इटली, फ्रांस, स्विटजरलैण्ड, रूस, अर्जेंटीना , केनिया, जर्मनी, व अन्य दक्षिण एशियाई देशों में काफी मांग है। हमारे प्राचीन शास्त्रें यथा निघण्टुओं में औषधीय वनस्पति का एवं प्राचीन रस ग्रंथों में भूमि से प्राप्त खनिज पदार्थों से औषधि निर्माण की चर्चा मिलती है। आयुर्वेदिक चिकित्सा में शाघ्गधर संहिता का विशेष योगदान रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा के अन्तर्गत कविराज गंगाधर कृत जल्पकल्परू, श्री गणनाथ सेन कृत, प्रत्यक्ष शारीरम्, श्री विद्याधर विद्यालंकार का योग रत्नाकर एवं रसेन्द्रसार संग्रह का हिन्दी अनुवाद द्रष्टव्य है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अपने विश्लेषण में स्पष्ट कर दिया है कि आयुर्वेदीय औषधियों का कोई साइट इफेक्ट नहीं है, साथ हीं यह बताया गया है कि आयुर्वेदिक औषधियों के प्रयोग से मानव में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। आज आवश्यकता इस बात की है कि आम जनता तक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के फायदों को लाया जाए ताकि आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ जन-जन को मिल सके। प्रस्तुत पुस्तक ‘आयुर्वेदिक चिकित्सा’ में विभिन्न महत्वपूर्ण रोगों की विस्तार से चर्चा की गई है। आशा है कि इस दिशा में यह प्रस्तुत पुस्तक सफल होगी एवं पाठकराण इससे काफी हद तक लाभान्वित होंगे। ____इसी पुस्तक से

You might also like