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Cinema Ka Maya-Darpan

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क़िस्सा 2017 का है । भारतीय दूतावास, हंगरी की ओर से बुदापैश्त के पुश्किन थिएटर में एक फिल्म–सप्ताह का आयोजन किया गया था । एक–दो को छोड़कर सभी बॉलीवुड़ फिल्में थीं । एक शो के दौरान मेरी मुलाक़ात एक अमेरिकी फिल्म–समीक्षक ऐलेक्स डिलेन से हुई जो पिछले कई वर्षों से हंगरी निवासी थे । जैसा कि आमतौर से होता है, विदेशों में भारतीय सिनेमा के प्रतिनिधि के बतौर हम सत्यजित रे का नाम आगे कर देते हैं और प्रतिक्रिया प्राय: सकारात्मक मिलती है लेकिन इस बार प्रतिक्रिया भिन्न थी । उन्होंने रे के ठीक सामने गुरुदत्त का नाम रख दिया और पूछा कि क्या विचार है ?

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