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Gandhi : Dakshin Africa Me Bhartiya Deshbhakt

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महात्मा गांधी के अवमूल्यन के सुनियोजित अभियान के बावजूद उनके जीवन, कर्म और विचार के बारे में हमारी जिज्ञासा कभी ख़त्म नहीं होती । भारत में अपनी निर्णायक युुुुुुगपरिवर्तनकारी भूमिका निभाने के पहले उनके अनुभवों, प्रयोगों, सार्वजनिकता आदि का एक बड़ा हिस्सा दक्षिण अफ्रीका में बीता था । यह जीवनी उनके उस चरण का गहराई और विस्तार दोनों में अन्वेषण करती है । इसका हिन्दी अनुवाद हिन्दी कवि–आलोचक और प्रख्यात गांधीविद् नन्दकिशोर आचार्य ने किया है । महात्मा के १५०वें वर्ष की शुरुआत में इसे प्रस्तुत करते हुए हमें प्रसन्नता है ।

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