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Meghalaya : Shabdchitra

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मेघालय बेहद खूबसूरत है । यहाँ की स्वच्छ आब–ओ–हवा, आकाश में तैरते बादल, रिमझिम गिरती बरसात, जैविक विविधताओं से लबरेज़ घने जंगल, सदाबहार मौसम, हरियाली की मखमली चादर ओढ़े पर्वत श्रंखलाएं, ऊँचे पठार, उनसे फूटते चमकदार झरने और बलखाती नदियाँ बरबस किसी का भी मन मोह लेते हैं । इसी नैसर्गिक सुंदरता और सुहावने मौसम से मुग्ध होकर गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर यहाँ तीन बार आकर रहे और खासी कविता के प्रकाश स्तम्भ सोसो थाम ने अनेक दिल को छू लेने वाली कवितायें रचीं । मेघालय में प्रकृति की अनुपम छटा, यहाँ की अनूठी मातृवंशी परम्परा और सरल हृदय दोस्ताना लोग बार–बार अपनी ओर खींचते हैं ।

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