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Deewan-e-Galib

Galib

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उनके देखे से जो आ जाती है मुँह पे रौनक वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है। देखिए पाते हैं उशशाक़ बुतों से क्या फ़ैज़ इक बराह्मन ने कहा है कि ये साल अच्छा है। हमको मालूम है जन्नत की हक़ीकत लेकिन दिल के ख़ुश रखने को ‘ग़ालिब’ ये ख़याल अच्छा है।

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